शनिवार, 21 नवंबर 2009

तिलक का वैज्ञानिक आधार

ललाट पर तिलक धारण करने से मस्तिष्क को शांति और शीतलता मिलती है तथा बीटाएंडोरफिन और सेराटोनिन नामक रसायनों का स्राव संतुलित मात्रा में होने लगता है।
इन रसायनों की कमी से उदासीनता और निराशा के भाव पनपने लगते हैं अत: तिलक उदासीनता और निराशा से मुक्ति प्रदान करने में सहायक है। विभिन्न द्रव्यों से बने तिलक की उपयोगिता और महत्व अलग-अलग है।
चंदन का तिलक ताजगी लाता है और ज्ञान-तंतुओं की क्रियाशीलता बढ़ाता है। कुमकुम का तिलक तेजस्विता प्रदान करता है। विशुद्ध मृत्तिका के तिलक से बुद्धि-वृद्धि और पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

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