रविवार, 12 सितंबर 2010

भगवान कृष्ण का महानिर्वाण


धर्म के विरुद्ध आचरण करने के दुष्परिणामस्वरूप अन्त में दुर्योधन आदि मारे गये और कौरव वंश का विनाश हो गया। महाभारत के युद्ध के पश्चात् सान्तवना देने के उद्देश्य से भगवान श्रीकृष्ण गांधारी के पास गये। गांधारी अपने सौ पुत्रों के मृत्यु के शोक में अत्यंत व्याकुल थी। भगवान श्रीकृष्ण को देखते ही गांधारी ने क्रोधित होकर उन्हें श्राप दिया कि तुम्हारे कारण जिस प्रकार से मेरे सौ पुत्रों का नाश हुआ है उसी प्रकार तुम्हारे यदुवंश का भी आपस में एक दूसरे को मारने के कारण नाश हो जायेगा।

भगवान श्रीकृष्ण ने माता गांधारी के उस श्राप को पूर्ण करने के लिये यादवों की मति फेर दी।

एक दिन अहंकार के वश में आकर कुछ यदुवंशी बालकों ने दुर्वासा ऋषि का अपमान कर दिया। इस पर दुर्वासा ऋषि ने शाप दे दिया कि यादव वंश का नाश हो जाए। उनके शाप के प्रभाव से यदुवंशी पर्व के दिन प्रभास क्षेत्र में आये। पर्व के हर्ष में उन्होंने अति नशीली मदिरा पी ली और मतवाले हो कर एक दूसरे को मारने लगे। इस तरह भगवान श्रीकृष्ण को छोड़ कर एक भी यादव जीवित न बचा।

इस घटना के बाद भगवान श्रीकृष्ण महाप्रयाण कर स्वधाम चले जाने के विचार से सोमनाथ के पास वन में एक पीपल के वृक्ष के नीचे बैठ कर ध्यानस्थ हो गए। जरा नामक एक बहेलिये ने भूलवश उन्हें हिरण समझ कर विषयुक्त बाण चला दिया जो उनके पैर के तलुवे में जाकर लगा और भगवान श्री कृष्णचन्द्र स्वधाम को पधार गये। इस तरह गांधारी तथा ऋषि दुर्वासा के श्राप से समस्त यदुवंश का नाश हो गया।

3 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

MAHODAYA AAP JAISE VIDWANO SE YE UMMEED NAHI AHI KI AAP TATHYON SE PARE EK BAAL KAHANI KI TARAH IS ARTICLE KO LIKHEN.YADI SABHI YADAV MAR GAYE TO AAJ YADAV KAHAN SE AAYE.OR AGAR SHARAB PEEKER UNHONE EK DOOSRE KO MAAR DIYA TO NAGAR KI MAHILAYEN BACHHE SABNE SHARAB PI THI KYAA?GARBHAVATI MAHILAYEN BHI VAHAN THI KYA?YE AISE SAVAAL HEN JO ISHARA KARTE HAIN KI AAPKI BAAT GALAT HAI.ATAH MAHODAYA SE ANURODH HAI KI AISI ATATHYAPARAK AUR BHRAMAK BATEN NA LIKHE TATHA LEKH KO SANSODHIT KAREN.aasha hai aap lekh sansodhit karenge.
ROCKY YADAV,MAINPURI rockyyadav15@yahoo.com (mujhe email kar sakte hai men aapko praman uplabdh karvaoonga.)

तारा सिंह ने कहा…

आजकल के यादव भी कोई यादव है ? असली यदुवंश तो ख़तम हो गया, अब तो लोगो ने अपने नाम के आगे यादव लगाना शुरू कर दिया. यादव लगाने से कोई भी यादव थोड़े ही बन जायेगा.

amarjeet yadav ने कहा…

bhai tara singh tum yadvon pe itne kyon jalte ho. kya tum jab yadav vansh ladai mai n khatam ho raha tha to vahan pe khade the. aisi bina sir pair ki baten karna aapko sobha deta hai. jara kisi pagalkhane ko talasho

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